Born in Kota, India, Shubh Gauri studied Literature and Philosophy. She now works as a PGT in English. Her poetry blends love, nature, and spirituality, drawing inspiration from neo-Romanticism and the Indian tradition of Chhayavaad.
With a bold and contemplative voice, Shubh Gauri explores themes of cosmic memory, astral energies, and the subtle union of body and soul. She believes in the DNA memory of the universe, which echoes through her verses as intimate meditations on existence.
Her published works include the poetry collection Loban, and the anthologies . Through her writing, she offers a deeply personal and mystical journey into love, nature, and the spirit.
कुछ प्रेमियों का प्रेम स्पर्श में होता है कुछ का मौन में और कुछ ऐसे होते हैं जिनका प्रेम शब्दों में आकार लेता है शुभ गौरी उन्हीं में से हैं वे प्रेम को साधारण नहीं मानतीं बल्कि उसे एक दैवीय ऊर्जा की तरह देखती हैं जो न तो किसी दायरे में सीमित है न ही किसी बंधन में कैद
दुनियां भर में दो प्रकार के लोग होते हैँ एक वो लोग हैँ जो शब्दों से खेलत हैं और दूसरे वो लोग जो शब्दों में जीते हैं और कुछ ऐसे होते हैं जो शब्दों को इस तरह रचते हैं कि वे सिर्फ़ पढ़े नहीं जाते बल्कि भीतर तक महसूस होते हैं शुभ गौरी उन्हीं में से एक हैं
Author
शुभगौरी की कविताएँ सिर्फ़ कागज़ पर लिखे शब्द नहीं बल्कि आत्मा पर उकेरी गई अनुभूतियाँ हैं वे प्रेम को परिभाषित नहीं करतीं बल्कि उसे जीने के नए आयाम देती हैं उनके लिए प्रेम किसी रिश्ते में बंधकर सीमित होने के लिए नहीं बल्कि किसी नदी की तरह बहने के लिए है निर्बाध स्वतंत्र और शाश्वत वे लिखती हैं कि प्रेम कोई सम्पत्ति नहीं जिसे पाया या खोया जा सके बल्कि वह एक अस्तित्व है जो हर क्षण हमारे भीतर सांस लेता है
प्रकृति उनके शब्दों में साँस लेती है और प्रेम उनकी रचनाओं में महकता है
वे फूलों से प्रेम करती हैं क्योंकि फूलों की तरह उनका लेखन भी सौम्यता से भरा है कोमल स्नेहिल और सुवासित लेकिन फूलों की उम्र सीमित होती है और प्रेम की नहीं वे प्रेम को एक क्षणिक भावना के बजाय एक अनंत यात्रा मानती हैं उनके शब्द बताते हैं कि प्रेम केवल उन लम्हों में नहीं रहता जब दो लोग साथ होते हैं बल्कि वह तब भी जीवित रहता है जब सब कुछ मौन हो जाता है
लोबान सा महकता प्रेम सिर्फ़ एक किताब नहीं बल्कि प्रेम के उन अनछुए पहलुओं का संग्रह है जिनके बारे में लोग महसूस तो करते हैं लेकिन शब्द नहीं दे पाते यह किताब बताती है कि प्रेम हमेशा पाने या खोने की परिभाषाओं में नहीं बँधता बल्कि वह मौन स्पर्शों अनकही बातों और ठहरी हुई निगाहों में भी उतना ही जीवंत रहता है
उनकी कविताएँ उस मौन की तरह हैं जो शब्दों से भी अधिक मुखर होता है वे प्रेम को सिर्फ़ एक भावुकता नहीं बल्कि आत्मा की गहराई तक महसूस होने वाली अनुभूति मानती हैं उनके लिए प्रेम कोई ऐसी चीज़ नहीं जिसे समझा जाए बल्कि वह तो स्वयं को अनुभव करवा देता है उनके शब्द कभी नदी की तरह बहते हैं तो कभी रेगिस्तान की तरह ठहरे होते हैं जहाँ प्रतीक्षा का धैर्य भी प्रेम का ही एक रूप होता है
उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे प्रेम को शब्दों में बाँधती नहीं बल्कि उसे इतनी नजाकत से छूती हैं कि वह हर किसी के अपने अनुभव में ढल जाता है उनकी कविताएँ किसी गुलाब की तरह नहीं बल्कि किसी जंगली फूल की तरह होती हैं ख़ुद में स्वच्छंद ख़ुद में पूरी उनमें किसी इत्र की बनी-बनाई ख़ुशबू नहीं बल्कि किसी पुराने संदूक में रखी चिट्ठी की तरह एक सजीव महक होती है
शुभ गौरी की लेखनी वो आईना है जिसमें हर प्रेमी अपनी अधूरी कहानी देख सकता है
उनकी कविताएँ किसी शाम के रंग जैसी हैं हल्की गुलाबी थोड़ी सुनहरी थोड़ी उदास और बेहद ख़ूबसूरत वे प्रेम को सिर्फ़ हृदय में नहीं आत्मा में लिखती हैं और शायद इसीलिए उनकी हर रचना किसी अधूरे प्रेम की पूरी कविता लगती है वे प्रेम को छूने की नहीं महसूस करने की बात करती हैं और जब वे लिखती हैं तो ऐसा लगता है मानो कोई चाँदनी रात हमारी हथेलियों में रख दी गई हो मुलायम चमकती हुई और थोड़ी रहस्यमयी उनकी रचनाएँ वैसे ही हैं जैसे कोई पुरानी चिट्ठी जिसे बार बार पढ़ो तो हर बार नया अर्थ मिलता है जैसे पहली बारिश की ख़ुशबू जैसे चाँदनी रात में ठंडी हवा का एक झोंका जैसे किसी अधूरे गीत का सबसे प्यारा सुर !
Expand your mind and broaden your horizons. Our articles cover a wide range of topics, from personal reflections to literary analysis and creative insights.
यह सब शब्दों की उस दुनिया के बारे में है जो दिल को छू ले
We invite you to engage with ideas that challenge, inform, and inspire.
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit, sed do eiusmod tempor incididunt ut labore et dolore magna aliqua. Ut enim ad minim veniam, quis nostrud exercitation ullamco laboris nisi ut aliquip ex ea commodo consequat.
She invites you to explore new worlds and discover the magic within the pages. Welcome to her literary journey.
Maecenas etiam platea et hac viverra aliquam magnis sapien.
Maecenas etiam platea et hac viverra aliquam magnis sapien.
Maecenas etiam platea et hac viverra aliquam magnis sapien.
Maecenas etiam platea et hac viverra aliquam magnis sapien.
Morbi proin condimentum litora duis lectus vivamus parturient torquent. Phasellus fames lectus molestie iaculis lacus condimentum duis. Ac ligula etiam magna efficitur quisque in. Malesuada mattis integer congue nulla id ipsum vestibulum mollis fames neque dictum. Ex vivamus vehicula natoque porta ipsum dis. Interdum viverra semper dolor dignissim urna habitasse orci. Elementum ullamcorper libero magna montes ut orci suspendisse magnis nam id ligula.